सौरमंडल और नवग्रह के बारे में जानकारियां प्राप्त करें ।

हमारा सौरमंडल एक विशाल और आश्चर्यजनक स्थान है । इसके केंद्र में हमारा सूर्य है, जो एक तारा है और पूरे मंडल को ऊर्जा और प्रकाश प्रदान करता है ।

​वैदिक ज्योतिष में नवग्रह का अर्थ है नौ ग्रह । ये ग्रह हमारे जीवन को प्रभावित करने वाले माने जाते हैं ।

​यहाँ सौरमंडल के ग्रहों का विस्तृत विवरण दिया गया है (सूर्य से दूरी के क्रम में)

​आंतरिक ग्रह (Terrrestrial Planets)

​बुध (Mercury) 

सूर्य के सबसे नज़दीक और सबसे छोटा ग्रह । यह बहुत गर्म और पथरीला है। (ज्योतिष में बुद्धि का कारक)

​शुक्र (Venus)

सौरमंडल का सबसे गर्म ग्रह । यह चमकीला है और इसे भोर का तारा भी कहा जाता है । (ज्योतिष में प्रेम और वैभव का कारक)

​पृथ्वी (Earth)

हमारा घर । एकमात्र ज्ञात ग्रह जहाँ जीवन है ।

​मंगल (Mars)

इसे लाल ग्रह भी कहा जाता है । यहाँ लोहे के ऑक्साइड के कारण इसकी सतह लाल दिखती है । (ज्योतिष में साहस का कारक)

बाहरी ग्रह (Gas Giants)

​बृहस्पति (Jupiter)

सौरमंडल का सबसे बड़ा ग्रह । यह गैसों से बना एक विशाल गोला है । इसके कई चंद्रमा हैं और एक विशाल तूफ़ान ग्रेट रेड स्पॉट प्रसिद्ध है । (ज्योतिष में ज्ञान और सौभाग्य का कारक)

​शनि (Saturn)

यह अपने सुंदर गोलाईयों (Rings) के लिए जाना जाता है। यह भी गैस का बना है । (ज्योतिष में कर्म और न्याय का कारक)

​अरुण (Uranus)

 यह एक बर्फीला विशालकाय ग्रह है और अपने अक्ष पर बहुत झुका हुआ है ।

​वरुण (Neptune)

सौरमंडल का सबसे बाहरी और बहुत ठंडा ग्रह ।

​इसके अलावा, नवग्रहों में दो अन्य छाया ग्रह शामिल हैं । 

​राहु (Rahu) और केतु (Ketu)

ये भौतिक ग्रह नहीं हैं, बल्कि चंद्रमा और पृथ्वी के कक्षा पथों के प्रतिच्छेदन बिंदु हैं । ज्योतिष में इनका बहुत महत्व है ।

​पहले यम (Pluto) को भी नौवां ग्रह माना जाता था, लेकिन अब इसे बौना ग्रह (Dwarf Planet) की श्रेणी में रखा गया है ।

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​यहाँ आपके लिए बृहस्पति और हमारे सौरमंडल के अन्य ग्रहों के कुछ अद्भुत दृश्य प्रस्तुत हैं । 




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