क्या आप जानते हैं कि हमारी ज़िंदगी का करीब 95% हिस्सा हमारे दिमाग का वह हिस्सा चलाता है, जिसके बारे में हम सचेत (aware) भी नहीं होते ?
इसे हम सबकॉन्शियस माइंड (Subconscious Mind) या अवचेतन मन कहते हैं ।
अगर हमारा चेतन मन (Conscious Mind) एक कंप्यूटर का कीबोर्ड है, तो अवचेतन मन उसका पूरा सॉफ्टवेयर और डेटाबेस है । आप इसमें जो कमांड टाइप करेंगे, यह वही रन करने लगेगा ।
यह काम कैसे करता है ?
हमारा अवचेतन मन सही और गलत, या सच और झूठ में फर्क नहीं समझता। आप इसे बार-बार जो यकीन दिलाते हैं, यह उसे ही सच मानकर आपकी ज़िंदगी में वैसा ही माहौल बनाना शुरू कर देता है ।
अगर आप रोज़ खुद से कहेंगे, मैं हमेशा असफल हो जाता हूँ, तो यह आपके भीतर डर पैदा करेगा ।
इसके विपरीत, अगर आप कहेंगे, मैं हर चुनौती से सीखने और जीतने के लिए तैयार हूँ, तो यह आपको नए रास्ते दिखाएगा ।
अवचेतन मन की शक्ति को कैसे जगाये ?
1 सोने से ठीक पहले का जादू (The 5-Minute Rule)
जब आप सोने जाते हैं, तो नींद आने से ठीक 5 मिनट पहले आपका सबकॉन्शियस माइंड सबसे ज़्यादा एक्टिव होता है । उस समय दिनभर की चिंताएं सोचने के बजाय, अपनी सफलताओं और लक्ष्यों के बारे में सोचें ।
2 विज़ुअलाइज़ेशन (Visualization)
आंखें बंद करके महसूस करें कि आपने जो लक्ष्य तय किया था, उसे आपने पा लिया है । उस खुशी और गर्व को अपने भीतर महसूस करें । आपका दिमाग इस काल्पनिक अनुभव को सच मानकर काम पर लग जाएगा ।
3 पॉजिटिव अफ़र्मेशन्स (Positive Affirmations)
मैं शांत हूँ, मैं आत्मविश्वासी हूँ, या मैं सक्षम हूँ जैसे छोटे और सकारात्मक वाक्यों को रोज़ सुबह उठते ही दोहराएं ।
याद रखें आपका अवचेतन मन एक उपजाऊ ज़मीन की तरह है । इसमें आप जैसे बीज (विचार) बोएंगे, वैसी ही फसल (ज़िंदगी) आपको मिलेगी । इसलिए आज से ही अपने विचारों के प्रति सावधान हो जाएं ।
अर्ध जागृत मन को जगाने की शक्तियों के बारे में और जानकारी प्राप्त करें ।
0 Comments