1 क्या गुरुत्वाकर्षण असल में कोई बल है ही नहीं ?
बचपन से हमें सिखाया जाता है कि गुरुत्वाकर्षण एक ऐसा खिंचाव बल है जिससे पृथ्वी हमें अपनी तरफ खींचती है । लेकिन आइंस्टीन ने साबित किया कि गुरुत्वाकर्षण नाम का कोई बल असल में होता ही नहीं है । 

असल में, भारी वस्तुएं (जैसे सूर्य या पृथ्वी) अपने वज़न से अपने आस-पास के स्पेस और टाइम की चादर में एक मोड़ या गड्ढा पैदा कर देती हैं । जब कोई छोटी चीज़ (जैसे पृथ्वी) सूर्य के चक्कर लगाती है, तो वह किसी खिंचाव के कारण नहीं, बल्कि सूर्य द्वारा स्पेस में बनाए गए उस गड्ढे में सीधे चलने की कोशिश कर रही होती है । जिसे हम खिंचाव समझते हैं, वह वास्तव में मुड़े हुए स्पेस का एक ढलान है ।
2 ब्रह्मांड का सबसे बड़ा रहस्यमय ढांचा हर्कुलिस-कोरोना बोरियालिस ग्रेट वॉल ।
हम सोचते हैं कि आकाशगंगाएं ही ब्रह्मांड की सबसे बड़ी चीज़ें हैं । लेकिन खगोलविदों ने अंतरिक्ष में एक ऐसे ढांचे की खोज की है जो इंसानी सोच से परे है । इसे Hercules-Corona Borealis Great Wall कहा जाता है ।
यह अरबों आकाशगंगाओं का एक ऐसा विशालकाय सुपरक्लस्टर (गुच्छा) है, जो 10 अरब प्रकाश वर्ष के इलाके में फैला हुआ है । हमारा पूरा ब्रह्मांड लगभग 93 अरब प्रकाश वर्ष का है, यानी यह इकलौता ढांचा पूरे दृश्यमान ब्रह्मांड का करीब 11% हिस्सा घेरे हुए है ।
विज्ञान के मौजूदा नियम यह समझा ही नहीं पा रहे हैं कि बिग बैंग के बाद इतने कम समय में इतना बड़ा ढांचा आपस में जुड़ कैसे गया ।
3 अनकैनी वैली (Uncanny Valley) इंसानी दिमाग का एक अजीब डर
यह मनोविज्ञान और रोबोटिक्स विज्ञान का एक ऐसा रहस्य है जो वैज्ञानिकों को हैरान करता है। जब हम किसी कार्टून या साधारण रोबोट को देखते हैं, तो हमें वह अच्छे लगते हैं । लेकिन जैसे ही कोई रोबोट या AI कैरेक्टर 95% से 99% तक बिल्कुल इंसान जैसा दिखने लगता है, तो हमारा दिमाग अचानक उससे आकर्षित होने के बजाय बहुत गहरा डर और नफरत महसूस करने लगता है ।
इसे वैज्ञानिक अनकैनी वैली कहते हैं । विकासवादी वैज्ञानिकों का मानना है कि इंसानी दिमाग में यह डर लाखों साल पहले किसी ऐसी प्रजाति या बीमारी से बचने के लिए पैदा हुआ था, जो दिखती तो बिल्कुल इंसानों जैसी थी, लेकिन इंसान नहीं थी ।

4 क्या गणित ब्रह्मांड की भाषा है, या सिर्फ इंसान की कल्पना ?।
यह विज्ञान और दर्शनशास्त्र की सबसे बड़ी बहस है । ब्रह्मांड में हर चीज़ तारों के घूमने से लेकर ब्लैक होल के बनने तक सब कुछ गणित के जटिल समीकरणों का पालन करती है ।
वैज्ञानिक आज तक इस बात पर हैरान हैं कि गणित की खोज इंसानों ने की थी या इंसानों ने इसे ब्रह्मांड में सिर्फ ढूंढा है ?
अगर हम कल किसी एलियन सभ्यता से मिलते हैं, तो शायद हमारा पहनावा या भाषा उनसे न मिले, लेकिन 2 + 2 = 4 और \pi (पाई) का मान उनके लिए भी बिल्कुल वही होगा जो हमारे लिए है ।
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