स्मार्टफोन थक चुके हैं ? जानिए AI वियरेबल्स और गैजेट्स की नई दुनिया के बारे में ।

क्या आप भी दिन में 50 बार बिना किसी वजह के अपना फोन अनलॉक करते हैं ? रील स्क्रॉल करते-करते कब दो घंटे निकल जाते हैं, पता ही नहीं चलता ? सच तो यह है कि अब लोग स्मार्टफोन की इस स्क्रीन एडिक्शन से थक चुके हैं ।

​तकनीक की दुनिया में इस समय एक बहुत बड़ा बदलाव आ रहा है। कंपनियां अब ऐसे गैजेट्स बना रही हैं जो आपको फोन की स्क्रीन से आज़ाद कर सकें। एंट्री हो रही है AI वियरेबल्स की । 

स्मार्टफोन ने पिछले डेढ़ दशक से हमारी जिंदगी पर राज किया है, लेकिन अब ऐसा लगता है कि स्क्रीन पर उंगलियां घिसने का यह दौर अपनी संतृप्ति पर पहुंच चुका है । हर साल थोड़े बेहतर कैमरे और थोड़ी तेज चिपसेट के साथ नए फोन तो आते हैं, लेकिन कुछ क्रांतिकारी देखने को नहीं मिल रहा है ।

​यही वजह है कि टेक जगत अब स्मार्टफोन से आगे सोच रहा है । आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के आने से अब ऐसे गैजेट्स का जन्म हो रहा है, जिन्हें चलाने के लिए आपको स्क्रीन को देखने या बार-बार जेब से फोन निकालने की जरूरत नहीं है । आइए जानते हैं AI वियरेबल्स और गैजेट्स की इस नई और रोमांचक दुनिया के बारे में । 

​आखिर ये AI वियरेबल्स हैं क्या ?

आसान शब्दों में कहें तो ये ऐसे छोटे और स्मार्ट गैजेट्स हैं जिन्हें आपको हाथ में पकड़ने की ज़रूरत नहीं होती। इन्हें आप पहन सकते हैं-जैसे चश्मा, अंगूठी, या कपड़ों पर लगी एक छोटी सी पिन। इनमें कोई बड़ी स्क्रीन नहीं होती, ये मुख्य रूप से आपकी आवाज़ और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर काम करते हैं।

1 स्मार्ट ग्लासेस 

जैसे चश्मे अब बहुत पॉपुलर हो रहे हैं । ये दिखने में बिल्कुल नॉर्मल स्टाइलिश चश्मे जैसे होते हैं, 

यह क्या करते हैं ? 

इन चश्मों में इन-बिल्ट कैमरे, स्पीकर और AI असिस्टेंट होते हैं । आप सामने दिख रही किसी भी चीज (जैसे कोई विदेशी भाषा में लिखा साइनबोर्ड या कोई ऐतिहासिक इमारत) को देखकर बस पूछ सकते हैं, AI, यह क्या है ? और वह आपकी आवाज में उसका अनुवाद या इतिहास बता देगा । इनके ज़रिए आप गाने सुन सकते हैं, फोन कॉल उठा सकते हैं, तस्वीरें खींच सकते हैं और सामने दिख रही किसी भी विदेशी भाषा का तुरंत अनुवाद करवा सकते हैं ।

फायदा

आपको फोटो खींचने या सर्च करने के लिए फोन निकालने की जरूरत ही नहीं पड़ती।

​2 स्मार्ट रिंग्स 

भारी-भरकम स्मार्टवॉच का ज़माना अब पीछे छूट रहा है ।

यह क्या करती हैं ? 

इनमें एडवांस बायोसेंसर्स होते हैं जो आपकी हार्ट रेट, स्लीप पैटर्न, ब्लड ऑक्सीजन और तनाव के स्तर को ट्रैक करते हैं । AI इन आंकड़ों का विश्लेषण करके आपको बताता है कि आज आपकी बॉडी कितनी तैयार है और आपको कब आराम करना चाहिए । जैसी छोटी सी अंगूठियां आपकी नींद, हार्ट रेट, स्ट्रेस लेवल और ओवरऑल फिटनेस का सटीक डेटा ट्रैक कर लेती हैं, वो भी बिना किसी डिस्टर्ब करने वाली स्क्रीन के।

फायदा

घड़ी की तरह भारी महसूस नहीं होतीं और एक बार चार्ज करने पर कई दिनों तक चलती हैं ।

​3 AI पिन्स और असिस्टेंट्स । 

कपड़ों पर लगने वाले छोटे गैजेट्स जो आपके पर्सनल सेक्रेटरी की तरह काम करते हैं । 

यह क्या करते हैं ? 

ये छोटे-छोटे डिवाइस आपके कपड़ों पर चुंबक की मदद से चिपक जाते हैं। इनमें कोई पारंपरिक स्क्रीन नहीं होती । ये आपकी आवाज और इशारों पर काम करते हैं । कुछ डिवाइस तो लेजर प्रोजेक्शन के जरिए आपकी हथेली को ही स्क्रीन बना देते हैं । आपको बस बोलना है, और ये आपके लिए ईमेल ड्राफ्ट कर देंगे या ज़रूरी जानकारी ढूंढ लाएंगे ।

​फायदा ।

यह आपको स्क्रीन एडिक्शन (स्क्रीन की लत) से बचाते हैं, लेकिन आपके सारे काम (जैसे मैसेज भेजना, कैब बुक करना या गाना बजाना) चुटकियों में कर देते हैं ।4 AI पावर्ड ईयरबड्स । 

​ईयरबड्स अब सिर्फ संगीत सुनने के लिए नहीं हैं । अब ये आपके पर्सनल ट्रांसलेटर और हेल्थ गाइड बन रहे हैं ।

​यह क्या करते हैं ? 

लाइव ट्रांसलेशन AI की मदद से अगर आपके सामने कोई जापानी या स्पैनिश में बात कर रहा है, तो ये ईयरबड्स उसे तुरंत आपकी भाषा में अनुवाद करके आपके कानों में सुना देंगे। इसके अलावा, ये आपके दौड़ने की गति और पोस्चर को भी ट्रैक कर सकते हैं ।

​क्या ये स्मार्टफोन को खत्म कर देंगे ?

​फिलहाल पूरी तरह से नहीं, लेकिन ये स्मार्टफोन पर हमारी निर्भरता को बहुत कम कर देंगे। आज हम दिन में औसतन 5 से 6 घंटे फोन की स्क्रीन पर बिताते हैं। AI गैजेट्स का मकसद इस स्क्रीन टाइम को कम करना है ताकि हम तकनीक का इस्तेमाल भी कर सकें और वास्तविक दुनिया से कटे भी न रहें ।

वीडियो देखने, गेम खेलने या लंबी टाइपिंग के लिए हमें अभी भी बड़ी स्क्रीन (स्मार्टफोन) की ज़रूरत पड़ेगी। लेकिन हाँ, ये गैजेट्स हमारा स्क्रीन टाइम 50% तक कम ज़रूर कर सकते हैं । छोटे-मोटे कामों के लिए अब आपको बार-बार जेब से फोन निकालने की ज़रूरत नहीं होगी ।

भविष्य की एक झलक । 

आने वाले समय में आपका स्मार्टफोन शायद आपकी जेब या घर के किसी कोने में एक सेंट्रल कंप्यूटर की तरह पड़ा रहेगा, और आपके सारे काम आपके चश्मे, अंगूठी या कपड़ों पर लगे AI पिन के जरिए आवाज और इशारों से हो जाया करेंगे ।

स्क्रीन-फ्री होने जा रहा है, जहाँ तकनीक हमारी आँखों के सामने नहीं, बल्कि हमारे बैकग्राउंड में रहकर हमारी मदद करेगी ।

 तकनीक की यह नई दुनिया स्क्रीन से मुक्त और अधिक मानवीय होने जा रही है । 

अब आपकी बारी ।

क्या आप स्मार्टफोन को छोड़कर एक ऐसा चश्मा या अंगूठी पहनना पसंद करेंगे जो आपके सारे काम कर दे ? आपको यह नई टेक्नोलॉजी कैसी लगी, मुझे कमेंट्स में ज़रूर बताएं ।

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