हर साल लाखों लोग आखिरी दिनों (29 से 31 जुलाई) में आईटीआर फाइल करने की कोशिश करते हैं। नतीजा यह होता है कि इनकम टैक्स का ई-फाइलिंग पोर्टल स्लो हो जाता है, जिससे ट्रांजैक्शन फेल होने और गलतियां होने की संभावना बढ़ जाती है। समझदारी इसी में है कि आप समय रहते अपना रिटर्न दाखिल कर दें।
लेकिन रुकिए। जल्दबाजी में की गई एक छोटी सी चूक आपको भारी पड़ सकती है और इनकम टैक्स डिपार्टमेंट (Income Tax Department) आपको नोटिस भेज सकता है। आइए जानते हैं कि इस बार ITR भरते समय आपको किन 5 बड़ी गलतियों से बचना है।
❌ ITR फाइल करते समय भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां।
1 AIS और Form 26AS को नजरअंदाज करना।
कई बार लोग सिर्फ अपने फॉर्म-16 (Form 16) के भरोसे आईटीआर भर देते हैं। लेकिन टैक्स डिपार्टमेंट के पास आपके AIS (Annual Information Statement) और Form 26AS में हर एक छोटे-बड़े वित्तीय लेनदेन की जानकारी होती है।
शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड से हुई कमाई
बैंक एफडी (FD) से मिला ब्याज
क्रिप्टोकरेंसी या वीडीए (VDA) से मुनाफा
यदि आपके द्वारा घोषित आय और AIS के डेटा में अंतर (Mismatch) पाया गया, तो नोटिस आना तय है।
2 गलत टैक्स रिजीम (Tax Regime) का चुनाव।
साल 2026 में टैक्स रिजीम को लेकर भ्रम में न रहें। अब New Tax Regime बाय-डिफॉल्ट (Default) सेट है। अगर आप पुरानी टैक्स व्यवस्था (Old Tax Regime) का लाभ उठाना चाहते हैं (जिसमें 80C, 80D जैसी छूट मिलती हैं), तो आपको फॉर्म भरते समय इसे विशेष रूप से चुनना होगा। दोनों में से आपके लिए कौन सा बेहतर है, इसकी कैलकुलेशन पहले ही कर लें।
3 बैंक अकाउंट को वैलिडेट (Validate) न करना।
अगर आपका टैक्स रिफंड (Tax Refund) बनने वाला है, तो यह सुनिश्चित करें कि आपके ई-फाइलिंग प्रोफाइल में आपका बैंक खाता Pre-validated हो। इसके साथ ही बैंक खाते के साथ आपका पैन (PAN) और मोबाइल नंबर लिंक होना अनिवार्य है, अन्यथा आपका रिफंड अटक जाएगा।
4 सभी सोर्स से हुई कमाई को न दिखाना।
अक्सर लोग अपने मुख्य वेतन के अलावा अन्य स्रोतों से होने वाली आय को छिपा लेते हैं या भूल जाते हैं। आपको नीचे दी गई सभी कमाइयों की जानकारी देनी होगी।
सेविंग्स बैंक अकाउंट से मिला ब्याज (Interest Income)
फ्रीलांसिंग या पार्ट-टाइम जॉब से हुई कमाई
घर के किराए से होने वाली आमदनी (House Property Income)
5 ITR दाखिल करने के बाद ई-वेरिफिकेशन (e-Verification) न करना।
बहुत से लोग सोचते हैं कि सबमिट बटन दबाते ही काम खत्म हो गया। लेकिन बिना वेरिफिकेशन के आपका ITR अधूरा है। आईटीआर सबमिट करने के बाद 30 दिनों के भीतर उसे ई-वेरिफाई करना जरूरी है। आप इसे आधार ओटीपी (Aadhar OTP), नेट बैंकिंग या ईवीसी (EVC) के जरिए आसानी से कर सकते हैं। अगर आप ऐसा नहीं करते हैं, तो आपका रिटर्न अमान्य (Invalid) मान लिया जाएगा।
० एक्सपर्ट टिप:- आखिरी मिनट की पेनाल्टी से कैसे बचें ?
यदि आप 31 जुलाई 2026 की समयसीमा चूक जाते हैं, तो आप Belated ITR फाइल कर सकते हैं, लेकिन इसके लिए आपको ₹1,000 से लेकर ₹5,000 तक की लेट फीस (Penalty) देनी होगी। इसके अलावा, आप कई तरह के नुकसान (Losses) को अगले साल के लिए कैरी फॉरवर्ड (Carry Forward) नहीं कर पाएंगे।
👉ITR Filing 2026, द अल्टीमेट गाइड, टैक्स नियम, फॉर्म का चयन, ई-फाइलिंग प्रोसेस और टैक्स सेविंग टिप्स।
निष्कर्ष।
टैक्स फाइलिंग कोई मुश्किल काम नहीं है, बशर्ते आपके पास सभी दस्तावेज (जैसे Form 16, Capital Gains Statement, Bank Interest Certificates) तैयार हों। इस वीकेंड को बेकार न जाने दें, अपने डॉक्यूमेंट्स निकालें और आज ही अपना ITR फाइल करें।
क्या आपने इस साल का ITR फाइल कर दिया है ? अगर आपको फाइलिंग में कोई दिक्कत आ रही है, तो हमें नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। इस जानकारी को अपने दोस्तों और सहकर्मियों के साथ शेयर करना न भूलें।
चेतावनी (Disclaimer)।
यह लेख केवल सामान्य जानकारी और जागरूकता के उद्देश्य से लिखा गया है। टैक्स नियम जटिल हो सकते हैं और व्यक्तिगत वित्तीय स्थिति के आधार पर बदल सकते हैं। अपना ITR फाइल करने से पहले किसी प्रमाणित चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) या टैक्स एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें। लेखक या वेबसाइट किसी भी प्रकार की वित्तीय विसंगति के लिए जिम्मेदार नहीं होंगे।

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