ब्रह्मांड का डेटाबेस, हमारे शरीर और विचारों की ऊर्जा आख़िर कहाँ जाती है ? अध्याय 5

पिछले अध्यायों में हमने देखा कि हमारा शरीर एक एंटीना की तरह लगातार इलेक्ट्रोमैग्नेटिक तरंगें और विचार ब्रह्मांड में प्रसारित (Broadcast) कर रहा है। लेकिन यहाँ एक बहुत बड़ा और बुनियादी सवाल खड़ा होता है। हमारे द्वारा छोड़ी गई यह ऊर्जा आख़िर जाती कहाँ है ? जब हम शांत हो जाते हैं या जब यह जीवन समाप्त हो जाता है, तो उस ऊर्जा का क्या होता है ? क्या वह हमेशा के लिए नष्ट हो जाती है ?

आधुनिक भौतिक विज्ञान (Modern Physics) और थर्मोडायनामिक्स के नियम इस बारे में एक ऐसा सच बताते हैं, जो किसी भी इंसान के होश उड़ाने के लिए काफी है। आइए इस पाँचवें अध्याय में हमारी ऊर्जा के इस शाश्वत सफर को गहराई से समझते हैं।


थर्मोडायनामिक्स का पहला नियम, ऊर्जा कभी नहीं मरती।
भौतिक विज्ञान का एक अकाट्य और सार्वभौमिक नियम है, जिसे ऊर्जा संरक्षण का सिद्धांत (Law of Conservation of Energy) या थर्मोडायनामिक्स का पहला नियम कहा जाता है।

यह नियम सीधे तौर पर कहता है।
ब्रह्मांड में कुल ऊर्जा की मात्रा हमेशा स्थिर रहती है। ऊर्जा को न तो कभी पैदा किया जा सकता है और न ही इसे कभी नष्ट (Destroy) किया जा सकता है। इसे केवल एक रूप से दूसरे रूप में बदला (Transform) जा सकता है।
इसका मतलब यह हुआ कि जब से यह ब्रह्मांड बना है, तब से लेकर आज तक ऊर्जा का एक भी कतरा नष्ट नहीं हुआ है। जब आप हाथ जोड़कर प्रार्थना करते हैं, किसी के बारे में सोचते हैं, या आपका दिल धड़कता है, तो जो ऊर्जा पैदा होती है, वह इस ब्रह्मांड से कभी गायब नहीं हो सकती। वह यहीं रहती है, बस अपना रूप बदल लेती है।

हमारी ऊर्जा ब्रह्मांड में किन रूपों में विलीन होती है ?
जब हम इस धरती पर जीते हैं, तो हमारे अस्तित्व से तीन मुख्य स्तरों पर ऊर्जा ब्रह्मांडीय ग्रिड में ट्रांसफर होती है।

1 थर्मल एनर्जी (Thermal Energy - उष्मीय ऊर्जा)।
हमारा शरीर लगातार 37°C (98.6°F) का तापमान बनाए रखता है। यह गर्मी और कुछ नहीं बल्कि हमारे अंदर की कैलोरी और भोजन का ऊर्जा में रूपांतरण है। यह थर्मल ऊर्जा लगातार इन्फ्रारेड तरंगों (Infrared Waves) के रूप में हमारे शरीर से बाहर निकलकर पर्यावरण में फैलती है। हवा के कणों से होती हुई यह ऊर्जा अंततः पृथ्वी के वायुमंडल को पार कर अंतरिक्ष के अनंत फैलाव का हिस्सा बन जाती है।

2 मस्तिष्क और दिल की विद्युत-चुंबकीय तरंगें। (Electromagnetic Field)।
जैसा कि हमने अध्याय 3 में जाना था, हमारे विचारों से ब्रेन वेव्स और दिल से एक शक्तिशाली चुंबकीय क्षेत्र बनता है। भौतिक विज्ञान के अनुसार, विद्युत-चुंबकीय तरंगें (जैसे प्रकाश या रेडियो तरंगें) अंतरिक्ष के निर्वात (Vacuum) में भी यात्रा कर सकती हैं। इसका मतलब है कि आपके मस्तिष्क और दिल से निकली ये सूक्ष्म तरंगें प्रकाश की गति से ब्रह्मांड के छोर की तरफ यात्रा पर निकल जाती हैं।

3 क्वांटम फील्ड और सूचना (Information/Thoughts)।
क्वांटम फिजिक्स का एक आधुनिक सिद्धांत है जिसे क्वांटम नो-हाइडिंग थ्योरम (Quantum No-Hiding Theorem) कहा जाता है। यह सिद्धांत साबित करता है कि ब्रह्मांड से कभी भी कोई सूचना (Information) पूरी तरह गायब नहीं हो सकती। आपके विचार, आपकी भावनाएं और आपकी चेतना सूक्ष्म स्तर पर एक प्रकार की सूचना (Information Data) हैं। जब आप कोई विचार छोड़ते हैं, तो वह ब्रह्मांड के बुनियादी ताने-बाने यानी क्वांटम फील्ड (Quantum Field) में हमेशा के लिए एक कोड या वाइब्रेशन के रूप में दर्ज हो जाता है।

क्वांटम एंटैंगलमेंट, ब्रह्मांड का अटूट ताना-बाना।
क्वांटम फिजिक्स में एक और जादुई घटना होती है जिसे क्वांटम एंटैंगलमेंट (Quantum Entanglement) कहते हैं। इसके अनुसार, ब्रह्मांड के दो कण जो कभी एक-दूसरे से जुड़े थे, उन्हें चाहे अरबों प्रकाश वर्ष दूर भी रख दिया जाए, वे एक-दूसरे से अदृश्य रूप से जुड़े रहते हैं। एक कण में बदलाव होने पर दूसरे कण में तुरंत बदलाव होता है, भले ही उनके बीच कोई तार न हो।

चूंकि बिग बैंग (Big Bang) के समय इस ब्रह्मांड की सारी ऊर्जा एक ही बिंदु पर थी, इसलिए हम सब और यह पूरा ब्रह्मांड सूक्ष्म स्तर पर एक-दूसरे से एंटैंगल्ड (जुड़े हुए) हैं। हमारी ऊर्जा ब्रह्मांड में कहीं अलग नहीं जाती, वह इसी विशाल ताने-बाने के भीतर प्रवाहित होती रहती है।

ब्रह्मांड का डेटाबेस, ऊर्जा और विचारों का महाप्रवाह।

1 विज्ञान का दृष्टिकोण, ऊर्जा संरक्षण का नियम।
भौतिक विज्ञान का एक बुनियादी नियम है ऊर्जा को न तो पैदा किया जा सकता है और न ही नष्ट किया जा सकता है (Law of Conservation of Energy)।

० शरीर की ऊर्जा:- जब हमारा शरीर शांत होता है, तो इसकी भौतिक ऊर्जा (जैसे गर्मी और रासायनिक तत्व) मिट्टी, हवा और प्रकृति के अन्य रूपों में वापस मिल जाती है।

० विचारों की ऊर्जा:- हमारे विचार मूल रूप से मस्तिष्क में होने वाले विद्युत-रासायनिक सिग्नल (Electrochemical Signals) हैं। जब ये सिग्नल चलते हैं, तो वे हल्की विद्युत-चुंबकीय तरंगें पैदा करते हैं जो पर्यावरण में विलीन हो जाती हैं।

2 क्वांटम फिजिक्स और इन्फॉर्मेशन पैराडॉक्स।
महान वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग और आधुनिक क्वांटम भौतिकी के अनुसार, ब्रह्मांड में सूचना (Information) कभी नष्ट नहीं हो सकती। इसे आप ब्रह्मांड का असली डेटाबेस कह सकते हैं। आपके द्वारा सोचा गया हर एक विचार या की गई हर क्रिया इस ब्रह्मांडीय ताने-बाने (Space-time fabric) पर हमेशा के लिए एक सूक्ष्म छाप छोड़ देती है।

3 आध्यात्मिक दृष्टिकोण, आकाशिक रिकॉर्ड (Akashic Records)।
प्राचीन दर्शन और अध्यात्म में इसे आकाशिक रिकॉर्ड या चित्त कहा गया है। माना जाता है कि ब्रह्मांड में एक ऐसी अदृश्य परत (Dimension) है जहाँ समय की शुरुआत से लेकर अंत तक की हर घटना, हर जीव के विचार और भावनाएं एक डेटाबेस की तरह सुरक्षित रहती हैं।

निष्कर्ष।
आप अमर हैं, आपकी ऊर्जा अमर है।
इस अध्याय का सबसे बड़ा निष्कर्ष यह है कि ब्रह्मांड के पास अपना एक बहुत बड़ा डेटाबेस या सुपरकंप्यूटर है, जहाँ आपकी हर एक धड़कन, हर एक विचार और आपके शरीर से निकली ऊर्जा की आखिरी बूंद भी सुरक्षित है। आप इस ब्रह्मांड से अलग नहीं हैं, आप इसके भीतर की एक लहर हैं। जब लहर शांत होती है, तो पानी नष्ट नहीं होता, वह वापस महासागर बन जाता है।
लेकिन क्या इस वैज्ञानिक सच को हमारे पूर्वजों और प्राचीन ऋषियों ने हज़ारों साल पहले ही जान लिया था ? प्राचीन ग्रंथों में वर्णित आकाश तत्व और आज के विज्ञान के क्वांटम फील्ड में क्या समानता है ?
यही अद्भुत और चौंकाने वाला सच हम जानेंगे अगले अध्याय में अध्याय 6 प्राचीन दर्शन और आधुनिक विज्ञान का मिलन (Akashic Records vs Quantum Field)।

चेतावनी (Warning / Disclaimer)
चेतावनी:- इस पोस्ट में दिए गए विचार वैज्ञानिक सिद्धांतों (जैसे क्वांटम मैकेनिक्स) और आध्यात्मिक दर्शन के तुलनात्मक अध्ययन पर आधारित हैं। इन्हें अंतिम वैज्ञानिक प्रमाण के रूप में न लेकर, मानव चेतना और ब्रह्मांड के अंतर्संबंधों को समझने के एक दार्शनिक प्रयास के रूप में देखा जाना चाहिए।

Post a Comment

0 Comments