ब्रह्मांड के जन्म की समय की दरारें, क्या सच में मौजूद हैं कॉस्मिक स्ट्रिंग्स ?

ब्रह्मांड का विस्तार (Expansion of the Universe)
​आधुनिक विज्ञान के अनुसार, हमारा ब्रह्मांड स्थिर (Static) नहीं है, बल्कि यह लगातार फैल रहा है । इसका मतलब यह नहीं है कि आकाशगंगाएं (Galaxies) अंतरिक्ष में तैरते हुए दूर जा रही हैं, बल्कि खुद अंतरिक्ष (Space) का ताना-बाना ही फैल रहा है ।

​1 इसकी खोज कैसे हुई ?
​एडविन हबल (1929) उन्होंने देखा कि दूर की आकाशगंगाओं से आने वाला प्रकाश रेडशिफ्ट (Redshift) की ओर झुक रहा है । इसका मतलब था कि वे हमसे दूर जा रही हैं । जो आकाशगंगा जितनी दूर है, वह उतनी ही तेजी से दूर भाग रही है । इसे हबल का नियम (Hubble's Law) कहा जाता है ।

​2 बिग बैंग और विस्तार । 
​ब्रह्मांड की शुरुआत आज से लगभग 13.8 अरब साल पहले एक महाविस्फोट (Big Bang) से हुई थी । तब से लेकर आज तक ब्रह्मांड लगातार फैल रहा है । इसे आप एक ऐसे गुब्बारे की तरह समझ सकते हैं जिस पर डॉट्स (बिंदु) बने हों, जैसे-जैसे गुब्बारा फूलता है, सारे डॉट्स एक-दूसरे से दूर होते जाते हैं ।

​3 म त्वरित विस्तार (Accelerated Expansion) । 
​डार्क एनर्जी (Dark Energy) 1998 में वैज्ञानिकों को एक चौंकाने वाली बात पता चली । ब्रह्मांड के फैलने की रफ्तार धीमी होने के बजाय और तेज (Accelerate) होती जा रही है । इसके पीछे एक रहस्यमयी ताकत काम कर रही है जिसे हम डार्क एनर्जी कहते हैं । यह पूरे ब्रह्मांड का लगभग 68% हिस्सा है ।

​4 विस्तार की वर्तमान स्थिति । 
​ब्रह्मांड किस गति से फैल रहा है, इसे मापने के लिए हबल स्थिरांक (H_0) का उपयोग किया जाता है । आधुनिक अनुमानों के अनुसार, यह गति लगभग 67 से 73 \text{ km/s/Mpc} (किलोमीटर प्रति सेकंड प्रति मेगापारसेक) है ।

5 अंतरिक्ष के ताने-बाने में दरारें कैसे बनीं ?
​जब हम समय की दरारें या कॉस्मिक स्ट्रिंग्स की बात करते हैं, तो इसका मतलब अंतरिक्ष (स्पेस-टाइम) के भूगोल में आई कमियों से है । बिग बैंग के ठीक बाद ब्रह्मांड का तापमान अविश्वसनीय रूप से गर्म था। जैसे ही ब्रह्मांड अचानक से ठंडा होने लगा, इसमें एक फेज ट्रांजिशन (Phase Transition) हुआ। इसे साधारण शब्दों में ऐसे समझें कि जब पानी अचानक जमकर बर्फ बनता है, तो उस बर्फ के भीतर कुछ टेढ़ी-मेढ़ी दरारें साफ दिखाई देती हैं । ठीक इसी तरह, हमारा ब्रह्मांड जब तेजी से ठंडा हुआ, तो अंतरिक्ष के ताने-बाने में भी ऐसी ही सूक्ष्म लेकिन बेहद ताकतवर दरारें रह गईं ।

6 ​कॉस्मिक स्ट्रिंग्स की हैरान करने वाली ताकत। 
​वैज्ञानिकों का मानना है कि ये दरारें या धागे (Strings) एक परमाणु से भी ज्यादा पतले हो सकते हैं, लेकिन इनका द्रव्यमान (Mass) इतना अधिक होता है कि इनके सिर्फ एक किलोमीटर लंबे टुकड़े का वजन पूरी पृथ्वी के वजन के बराबर हो सकता है । यह अत्यधिक भारी गुरुत्वाकर्षण पैदा करते हैं । यदि दो कॉस्मिक स्ट्रिंग्स एक-दूसरे के पास से बहुत तेज गति से गुजरें, तो वे अपने आस-पास के स्पेस-टाइम को इस कदर मोड़ सकती हैं कि वहां टाइम ट्रैवल (समय यात्रा) का एक लूप बन सकता है । हालांकि, अभी तक इन्हें सीधे तौर पर देखा नहीं गया है, लेकिन खगोलशास्त्री अंतरिक्ष में ग्रेविटेशनल लेंसिंग (प्रकाश का मुड़ना) के जरिए इनके पुख्ता सबूत तलाश रहे हैं ।

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