इंटरव्यू में रिजेक्शन से सफलता तक, आपका आत्मविश्वास ही आपकी असली ताकत है।
आज मैं आपके साथ एक ऐसी कमाल की बात शेयर करने जा रहा हूँ, जिसे अगर आपने अपने जीवन में उतार लिया, तो यह आपके लिए बहुत गुणकारी साबित होगी।
अक्सर हम कहीं इंटरव्यू देने जाते हैं और वहाँ से रिजेक्ट कर दिए जाते हैं। हमारे साथ के ही किसी और व्यक्ति को चुन लिया जाता है। ऐसे में हम निराश होकर अपनी किस्मत का रोना रोने लगते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इसका मुख्य कारण क्या है ?
असल में, उस वक्त हमारे भीतर उस चीज़ या हुनर की कमी होती है, जो उस काम के लिए ज़रूरी थी।
खुद पर भरोसा रखें, असंभव कुछ भी नहीं।
अब से जब भी आप कोई भी काम (X, Y, Z) करें, तो अपने दिमाग को पूरी तरह शांत और केंद्रित (Center) करके, पूरे आत्मविश्वास के साथ सोचें, मैं यह काम कर सकता हूँ।
इस दुनिया में कुछ भी असंभव नहीं है, हर चीज़ इंसान ने ही बनाई है। अगर हम पहले ही सोच लेंगे कि यह मुझसे नहीं होगा, तो हम बहुत पीछे छूट जाएंगे। इसके बजाय यह सोचें कि मेरे लिए सब संभव है। अगर दूसरे व्यक्ति इंटरव्यू में पास हो सकते हैं, तो आप क्यों नहीं ? आप बिल्कुल कर सकते हैं। बस खुद को उस काम में पूरी तरह झोंक दीजिए, परिणाम आपके हक में होगा।
घर से शुरुआत करें, अनुभव और हुनर को जगाएं।
मैं आपको एक बहुत काम की बात बताता हूँ। आप जो भी काम करना चाहते हैं, उसकी तैयारी पहले अपने घर पर कीजिए। शुरुआत में अगर काम थोड़ा खराब भी होगा, तो आपका कोई नुकसान नहीं होगा। लेकिन घर पर की गई इस कोशिश से आपको 40% तक का एक्स्ट्रा प्रैक्टिकल नॉलेज मिल जाएगा।
उदाहरण के लिए ब्लॉगिंग को ही ले लीजिए, मान लेते हैं कि आपको एक ब्लॉग बनाना है। अब अपनी पूरी पढ़ाई और समझ का इस्तेमाल करके पूरे दिल से ब्लॉग बनाने में जुट जाइए। आपके भीतर वह हुनर पहले से मौजूद है, बस वह कहीं छिपा हुआ है।
जैसे घर में बल्ब का स्विच- हमारे घरों में बल्ब तभी जलता है जब हम स्विच ऑन करते हैं। ठीक उसी तरह, आपको भी अपने अंदर के उस हुनर के स्विच को ऑन करना होगा।
जब आप खुद से कोई काम (जैसे ब्लॉग) बनाना शुरू करेंगे, तो आपका दिमाग पूरी तरह रिफ्रेश हो जाएगा। आपको पूरा नॉलेज मिलेगा और आप महसूस करेंगे कि यह काम तो बहुत आसान था। उस दिन आपको अपनी पुरानी गलतियों का अहसास होगा और आप कभी अपनी किस्मत को दोष नहीं देंगे। अगर आपको पहले किसी काम का 50% पता था, तो खुद से प्रैक्टिकल करने के बाद आपको 90% तक का सुधार महसूस होगा। एक बार खुद को काम में झोंककर देखिए, परिणाम खुद ब खुद दिखेगा।
सफलता कौन प्राप्त कर सकता है ?
सफलता की पहली शर्त आत्मविश्वास है। अस्तित्व में मौजूद हर वस्तु में ऊर्जा है। मनुष्य के भीतर भी ऊर्जा का असीम स्रोत है, लेकिन वह कभी यह विश्वास नहीं कर पाता कि इतनी अद्भुत और विलक्षण शक्तियाँ उसके भीतर ही छिपी हैं। मनुष्य अपनी ऊर्जा को हर जगह खोजता है, लेकिन अपने भीतर झांककर नहीं देखता। वह हथेलियों से अपनी आँखें ढककर अंधकार की शिकायत तो करता है, लेकिन भीतर का उजाला नहीं पहचानता।
यदि मनुष्य अपने मन की गहराइयों में जाए, तो वह अपनी शक्तियों को पहचानकर असंभव कार्य को भी संभव कर सकता है। जिन लोगों ने अपनी भीतरी ऊर्जा को पहचाना, वे ही आगे चलकर महापुरुष और युगपुरुष कहलाए। दृढ़ आत्मविश्वासी मनुष्य का हर कार्य सफल होता जाता है और हर सफलता के साथ उसका आत्मविश्वास और मजबूत होता जाता है।
बाधाओं से डरें नहीं।
कुछ लोग आत्मविश्वास जगाकर काम शुरू तो कर देते हैं, लेकिन रास्ते में आने वाली छोटी-छोटी बाधाओं से घबराकर काम को बीच में ही छोड़ देते हैं। ऐसे मध्यम श्रेणी के लोगों पर असफलता का डर इस कदर हावी हो जाता है कि वे रास्ता बदल लेते हैं। इसके विपरीत, उत्तम श्रेणी के दृढ़ आत्मविश्वासी लोग किसी भी आशंका या भय से घबराए बिना, सकारात्मक ऊर्जा के साथ काम में जुटे रहते हैं और अंततः सफलता प्राप्त करके ही दम लेते हैं। आत्मविश्वास हमें कठिन से कठिन परिस्थिति में भी जीने की शक्ति और ऊर्जा देता है।
इस पोस्ट को लिखने का मेरा उद्देश्य।
शायद आगे चलकर आप कहें कि, यार, एक बंदे ने पोस्ट भेजी थी, जिससे प्रेरणा लेकर हमने काम शुरू किया और आज हम कामयाब हैं। दोस्तों, मैं भी यही चाहता हूँ कि कोई भी व्यक्ति पीछे न छूटे, सब आगे बढ़ें। मेरी इस पोस्ट का उद्देश्य यही है कि लोगों तक सही जानकारी पहुँचे, लोग जागरूक हों और नई चीज़ों को सीखें।
सबसे महत्वपूर्ण बात है, हमारा आत्मविश्वास, हमारी ऊर्जा और हमारा अनुभव। कई बार हम सोचते हैं कि हमने पढ़ाई कर ली है, तो हम इंटरव्यू में पास हो ही जाएंगे। लेकिन जब हम रिजेक्ट होते हैं, तो उसका कारण यही होता है कि डिग्री होने के बावजूद हमारे पास वह व्यावहारिक अनुभव (Practical Experience), आत्मविश्वास और ऊर्जा नहीं थी, जो वहाँ दिखानी चाहिए थी।
इसलिए मैं बार-बार कहूँगा कि ब्लॉग तो सिर्फ एक उदाहरण था, आपको जिस भी हुनर का नॉलेज है, उसमें अपने आत्मविश्वास और ऊर्जा के साथ अपना खुद का काम (प्रैक्टिस) आज ही स्टार्ट कीजिए।
आपको मेरी यह पोस्ट कैसी लगी ? कमेंट में ज़रूर बताना। अगर अच्छी लगी हो, तो इसे शेयर करना न भूलें। धन्यवाद, आपका दिन शुभ हो।

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