मन की असीमित शक्ति, क्या है विज्यूलाइजेशन और कैसे बदल सकता है यह आपकी जिंदगी ?

क्या आप जानते हैं कि इस पूरी सृष्टि में मनुष्य को मिला सबसे अनमोल उपहार क्या है ? वह है, कल्पना करने की शक्ति (Power of Imagination)। और इसी कल्पना को जब हम एक दिशा देते हैं, तो उस प्रक्रिया को वैज्ञानिक और मनोवैज्ञानिक भाषा में विज्यूलाइजेशन (Visualization) यानी मनोचित्रण कहा जाता है ।
सरल शब्दों में कहें, तो किसी भी वस्तु, परिस्थिति या लक्ष्य का अपने मन में एक स्पष्ट चित्र या वीडियो तैयार करना ही विज्यूलाइजेशन है ।



कुदरत ने मनुष्य को कई अनमोल उपहार दिए हैं, उन्हीं में से एक हैं विज्यूलाइजेशन।
 कल्पना उनमें से श्रेष्ठ उपहार है कल्पना करने की प्रक्रिया को कहते हैं विज्यूलाइजेशन ।
 
विज्यूलाइजेशन की मदद से हम अपने संजोगो का सृजन कर सकते हैं आपके वर्तमान संजोग आपने अपने मन में जाने अनजाने में किए हुए विजुलाइजेशन का ही परिणाम है
जो मन में बनता है वही जीवन में बनता है ।
 बड़े लक्ष्य निश्चित करें और उसे विज्यूलाइजेशन की मदद से प्राप्त करें ।
 
इसका  मतलब यह नहीं कि आप कुछ भी करें, सिर्फ सही करने की कोशिश करें ।

विज्यूलाइजेशन शब्द आपको नया लगे किंतु विज्यूलाइजेशन की प्रक्रिया से आप अनजान नहीं है । क्योकी आप प्रतिदिन विज्यूलाइजेशन करते हैं बचपन से करते आए हो ।विज्यूलाइजेशन यानी कल्पना
 विज्यूलाइजेशन यानी मनो चित्रण करना ।

 किसी भी वस्तु अथवा घटना का मन में चित्र तैयार करना विजुलाइजेशन करना है । विज्युलाईजेशन को कल्पना करना भी कहा जाता है । यानी विज्यूलाइजेशन करना माने कल्पना करना विज्यूलाइजेशन के रूप में पहचानी जाने वाली कल्पना की यह प्रक्रिया अधिकांशतः देखने को मिलती है ? अधिकतर कैसे लोग विज्यूलाइजेशन करते हैं ?
आओ देखते हैं यहां प्रथम उन लोगों की बात करते हैं जिनके लिए विज्यूलाइजेशन उनके काम का मुख्य आधार है ।

एक शाश्वत नियम याद रखिए,।
जो पहले मन में बनता है, वही बाद में जीवन में सच बनता है ।
आज आप अपनी जिंदगी में जिस भी स्थिति में हैं, वह कहीं न कहीं आपके अनजाने में किए गए विचारों और विजुलाइजेशन का ही परिणाम है । इसलिए, क्यों न अब हम सचेत होकर बड़े लक्ष्य तय करें और इस अद्भुत शक्ति की मदद से उन्हें हासिल करें ? इसका मतलब यह कतई नहीं है कि हम कर्म करना छोड़ दें, बल्कि इसका मतलब यह है कि सही दिशा में कर्म करने के लिए अपने मन को तैयार करें ।

हम सब हैं विजुअलाइज़र ।
रोज़मर्रा की ज़िंदगी के उदाहरण
विज्यूलाइजेशन कोई ऐसा नया शब्द नहीं है जिससे आप अनजान हों । हम सब बचपन से ही हर दिन जाने-अनजाने में कल्पना करते आ रहे हैं । आइए देखते हैं कि कैसे समाज के अलग-अलग क्षेत्रों के लोग इसे अपने काम का मुख्य आधार बनाते हैं ।

1 चित्रकार (The Painter)।
एक चित्रकार जब खाली कैनवास के सामने बैठता है, तो उसकी पेंसिल या ब्रश चलने से पहले ही वह खूबसूरत चित्र उसके मन में पूरी तरह तैयार हो चुका होता है । कौन सा रंग कहाँ बिखेरना है, चेहरे के भाव कैसे होंगे, मन के भीतर चित्रों को रचने की यही कला विज्यूलाइजेशन है ।



2 शिल्पकार (The Sculptor) ।
एक शिल्पकार के सामने जब एक उबड़-खाबड़, बेजान पत्थर आता है, तो वह उसमें छिपी मूरत को पहले ही देख लेता है । उसके मन में मूर्ति के हाथ, पैर, झुकी आँखें और चेहरे की मुस्कान पहले से ही आकार ले चुकी होती है । बस, उसी आंतरिक चित्र को देखकर उसके हाथ हथौड़ी और छेनी चलाते जाते हैं, और पत्थर एक जीवंत कलाकृति बन जाता है ।


3 फिल्म डायरेक्टर (निर्देशक)।
सिनेमा हॉल के बड़े पर्दे पर हम जिस फिल्म को देख रहे हैं वह पहले डायरेक्टर ने अपने मानस पटल पर कई बार देख ली होती है। फिल्म की शूटिंग करने के पहले डायरेक्टर अपने मन में फिल्म की प्रत्येक घटना के दृश्य तैयार कर लेता है। फिल्म कलाकार उनका अभिनय उनके संवाद आदि सब डायरेक्टर के मन में पहले ही आकार ले चुके होते हैं।
मन में यह मनोचित्रण अर्थात् विज्यूलाइजेशन है



4 ग्राफिक डिजाइनर ।
आप खबरों में सुंदर रंगीन अंक पढ़ते होंगे। सुंदर रूप से डिजाइन की गई यह पूर्ति या अंक की सामग्री सबसे पहले उसके (डिजाइनर) के मन में आकार ले चुकी होती हैं। यह पूर्ति लिखने का तरीका अक्षर, फोटोग्राफ्स, चित्र आदि किस रंग और किस आकार के होंगे यह सब उसके मन में स्पष्ट होता है। पूर्ति की यह डिजाइन मन में तैयार करना माने विज्यूलाइजेशन
 विज्यूलाइजेशन केवल कलाकारों का काम है ऐसा नही है। आप बहुत ही सृजनात्मक ढंग से विजुलाइजेशन कर सकते हो। किंतु आप के मन में यह प्रश्न खड़ा नहीं होता कि विजुलाइजेशन किस लिए किया जाय
 जवाब-नई जिंदगी का सृजन करने के लिए हमें जो चाहिए वह सब प्राप्त करने के लिए ।
जिस तरह चित्र, शिल्प, डिजाइन या फिल्म किसी व्यक्ति के विज्यूलाइजेशन का परिणाम है। ठीक उसी तरह अपनी जिंदगी भी हमारे द्वारा जाने अनजाने किए गए विज्यूलाइजेशन का परिणाम है।

5 सिर्फ कलाकार ही क्यों ? आप भी बदल सकते हैं अपनी दुनिया ।
विज्यूलाइजेशन केवल कलाकारों या निर्देशकों तक सीमित नहीं है । यह ब्रह्मांड असीमित सृजनात्मक ऊर्जा (Creative Energy) का एक महासागर है, और हम सब इसी ऊर्जा का एक छोटा सा अंश हैं । इसलिए, सृजन करने की यह शक्ति हममें से हर एक व्यक्ति के भीतर मौजूद है ।
अब सवाल उठता है कि हमें विज्यूलाइजेशन क्यों करना चाहिए ?
एकसिर्फ कलाकार ही क्यों? आप भी बदल सकते हैं अपनी दुनिया!
​विज्यूलाइजेशन केवल कलाकारों या निर्देशकों तक सीमित नहीं है। यह ब्रह्मांड असीमित सृजनात्मक ऊर्जा (Creative Energy) का एक महासागर है, और हम सब इसी ऊर्जा का एक छोटा सा अंश हैं। इसलिए, सृजन करने की यह शक्ति हममें से हर एक व्यक्ति के भीतर मौजूद है।
​अब सवाल उठता है कि हमें विज्यूलाइजेशन क्यों करना चाहिए ?

​० एक नई जिंदगी का सृजन करने के लिए ।
अपनी मनचाही खुशियाँ, सफलता और स्वास्थ्य को आकर्षित करने के लिए ।

​०सकारात्मक बदलाव के लिए।
जब हम अपने लक्ष्यों को पूरा होते हुए देखते हैं, तो हमारा अवचेतन मन (Subconscious Mind) हमें उसे सच करने के लिए प्रेरित करता है और हमारे भीतर का डर खत्म हो जाता है ।

​जिस तरह एक खूबसूरत इमारत बनने से पहले इंजीनियर के दिमाग में बनती है, ठीक उसी तरह हमारी आने वाली जिंदगी भी हमारे आज के विचारों और मनोचित्रण पर निर्भर करती है ।

​चलते-चलते एक जरूरी बात ।
दोस्तों, मुझे उम्मीद है कि आपको विज्यूलाइजेशन का यह गहरा मतलब समझ में आ गया होगा । आने वाले समय में, मैं आपके लिए इस विषय पर और भी दिलचस्प और व्यावहारिक जानकारियां लेकर आऊंगा (जैसे कि विज्यूलाइजेशन सही तरीके से कैसे करें) ।

​नोट- यह जानकारी विभिन्न पुस्तकों और इंटरनेट के अध्ययनों पर आधारित है । हमने यहां केवल एक वैचारिक अनुभव और दृष्टिकोण साझा किया है । हर व्यक्ति के परिणाम उसकी अपनी धारणा, अभ्यास और कर्मों पर निर्भर करते हैंv। इसलिए इस शक्ति का प्रयोग पूरे विवेक और अपनी जिम्मेदारी के साथ करें । सजग रहें, सकारात्मक सोचें ।
​धन्यवाद ।

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