हिन्दू धर्म में पूजा के समय दीपक जलाने का अपना अलग ही महत्व है। पूजा के समय दीपक जलाने के पीछे यह मन्याता है कि इसे शुभ माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि इसके बिना पूजा अधूरी मानी जाती है। साथ ही, ऐसा भी माना जाता घर में दीपक जलाने से वास्तु दोष दूर होता है। हम आपको बताने वाले है पूजा में दीपक जलाने के महत्व के बारे में।
पुराणों की मानें तो पूजा में घी और तेल का दीपक जलाना चाहिए। वैसे दीपक जलाने को सकारात्मक रूप में भी देखा जाता है, इसे अपने जीवन से अंधकार हटाकर प्रकाश फैलाने से भी जोड़ा जाता है। प्रकाश प्रतीक होता है ज्ञान का। इसलिए कहा जाता है कि पूजा में दीपक जलाकर हम अंधकार को अपने जीवन से बाहर करते हैं।
वैज्ञानिक कारण -
गाय के घी में रोगाणुओं को भगाने की क्षमता होती है। यह घी जब दीपक में अग्नि के संपर्क में आता है तो वातावरण को पवित्र बना देता है। इससे प्रदूषण दूर होता है। दीपक जलाने से पूरे घर को फायदा मिलता है। चाहे वह पूजा में सम्मिलित हो या नहीं। दीप प्रज्जवलन घर को प्रदूषण मुक्त बनाने का एक क्रम है। अग्नि में कोई भी चीज जलने पर खत्म नहीं होती बल्कि छोटे-छोटे अदृश्य टुकड़ों में बंटकर वातावरण में फैल जाती है। इसलिए अग्नि से घी का फैलना वातावरण को शुद्ध करता है।
दीपक जलने के कुछ नियम होते है, जिसका पालन करने से लाभ मिलता है। कुछ लोगों को इसके नियमों के बारे में पता नहीं होता है। जिसकी वजह से भी वह लोग लाभ से वंचित रह जाते हैं।
दीपक जलाते समय इन खास बातों रखें ध्यान।
पूजा में कभी भी खंडित दीपक नहीं जलाना चाहिए। नहीं तो शुभ फल मिलने की जगह आपको परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
ध्यान रखें कि पूजा के दौरान बीच में दीपक ना बुझे। ऐसा होना अशुभ माना जाता है। ऐसा कहा जाता है ऐसा होने पर पूजा का पूर्ण फल प्राप्त नहीं हो पाता है।
पूजा करते समय अगर घी का दीपक हो, तो इसे अपने बायें हाथ की ओर ही जलाएं। यदि दीपक तेल का है तो अपने दाएं हाथ की ओर जलाएं। इस बात का ध्यान रखें कि दीपक हमेशा भगवान की प्रतिमा के ठीक सामने लगाएं। कई बार हम भगवान की प्रतिमा के सामने दीपक न लगाकर कही और लगा देते है, तो सही नहीं होता है।
घी के दीपक के लिए सफेद रुई की बत्ती इस्तेमाल करें। जबकि तेल के दीपक के लिए लाल धागे की बत्ती श्रेष्ठ रहती है।
दीपक जलाने के लाभों के बारें में जानें।
दीपक अंधकार को मिटाकर घर में रोशनी देता है, जिससे घर परिवार का माहौल खुशनुमा बना रहता है।
दीपक जलाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और साथ ही घर का वातावरण भी संतुलित बना रहता है।
बिना दीपक के पूजा पूरी नहीं मानी जाती।
ऐसा माना जाता है कि शाम को दीपक जलाने से लक्ष्मी माता प्रसन्न होती है, इसीलिए हर शाम घर पर दीपक जरूर जलाएं।
जिस प्रकार दीप की ज्योति हमेशा ऊपर की ओर उठी रहती है, उसी प्रकार मानव की वृत्ति भी सदा ऊपर ही उठे, यही दीप प्रज्वलन का अर्थ है। अत: समस्त कल्याण की चाह रखने वाले मनुष्य को दीप जलाते समय यह मंत्र अवश्य पढ़ना चाहिए। निश्चित ही आपका कल्याण होगा।
दीप प्रज्वलन के समय इस मंत्र का स्मरण करें।
शुभं करोति कल्याणम् आरोग्यम् धनसंपदा।
शत्रुबुद्धिविनाशाय दीपकाय नमोऽस्तु ते।।
दीपो ज्योति परं ब्रह्म दीपो ज्योतिर्जनार्दन:।
दीपो हरतु मे पापं संध्यादीप नमोऽस्तु ते।।
दीप दिखाने का मंत्र
1 साज्यं च वर्तिसंयुक्त़ं वह्रिना योजितं मया ।
दीपं गृहाण देवेश त्रैलोक्यतिमिरापहम् ।।
देवता का नाम लेकर दीपक दिखाएं
2 ॐअग्निर्ज्योतिर्ज्योतिरग्नि: स्वाहा सूर्यो ज्योतिर्ज्योति: सूर्य: स्वाहा ।
अग्निर्वर्चो ज्योतिर्वर्च: स्वाहा सूर्यो वर्चो ज्योतिर्वर्च: स्वाहा ।।
साज्यं च वर्तिसंयुक्त़ं वह्रिना योजितं मया ।
दीपं गृहाण देवेश त्रैलोक्यतिमिरापहम् ।।
भक्त्या दीपं प्रयच्छामि देवाय परमात्मने।
त्राहि मां निरयाद् घोराद् दीपज्योतिर्नमोऽस्तु ते ।।
ॐ भूर्भुवः स्व:---(उस देवता का नाम ले जिसकी पूजा कर रहे हैं)---नम: दीपों दर्शयामि। (दीप दिखाये)
आपको दीपक के बारे में जानकारी दी आपको हमारी जानकारी कैसी लगी हमें कमेंट में जरूर बताएं आपका दिन शुभ हो धन्यवाद

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