ठीक यही बात हमारे इंसानी शरीर और ऊर्जा तंत्र के साथ भी होती है। आज के इस आठवें अध्याय में हम समझेंगे कि जब हमारे ह्यूमन सैटेलाइट का सिग्नल खराब होता है, तो क्या होता है, और कैसे मानसिक तनाव हमारे ऊर्जा केंद्रों को ब्लॉक कर देता है।
इंसानी सिग्नल में खराबी (Distortion / Noise) क्या है ?
विज्ञान की भाषा में जब किसी तरंग (Wave) में कोई बाहरी बाधा आ जाती है, तो उसे नॉइज़ (Noise) या डिस्टॉर्शन (Distortion) कहा जाता है।
एक इंसान के जीवन में यह नॉइज़ तब पैदा होता है जब हम लंबे समय तक नकारात्मक मानसिक और भावनात्मक स्थितियों से गुज़रते हैं।
० रोज़मर्रा का अत्यधिक तनाव (Stress)
० मन में दबी हुई पुरानी कड़वाहट या नफ़रत
० भविष्य को लेकर अत्यधिक चिंता और डर
० लगातार शिकायत करने की मानसिक आदत
जब हमारे दिमाग में ये नकारात्मक विचार चौबीसों घंटे चलते हैं, तो हमारे ह्यूमन एंटीना से निकलने वाली विद्युत-चुंबकीय तरंगें बेतरतीब और अशांत (Incoherent) हो जाती हैं। नतीजा यह होता है कि हम ब्रह्मांड की उच्च और सकारात्मक फ्रीक्वेंसी से कट जाते हैं और जीवन में सब कुछ अटका हुआ महसूस होने लगता है।
ऊर्जा केंद्रों (चक्रों) में ब्लॉकेज, प्राचीन और आधुनिक समझ।
हमारे प्राचीन योग विज्ञान के अनुसार, रीढ़ की हड्डी के समानांतर मानव शरीर में 7 मुख्य ऊर्जा केंद्र होते हैं, जिन्हें चक्र (Chakras) कहा जाता है। ये चक्र और कुछ नहीं, बल्कि हमारे शरीर के वे मुख्य जंक्शन बॉक्स या एंटीना हैं जहाँ से ब्रह्मांडीय ऊर्जा (Cosmic Energy) हमारे भीतर प्रवेश करती है और पूरे शरीर के अंगों में बँटती है।
आधुनिक चिकित्सा विज्ञान (Modern Science) भी इसे पूरी तरह नकारता नहीं है। विज्ञान इन चक्रों वाली जगहों को नर्व प्लेक्सस (Nerve Plexuses) और एंडोक्राइन ग्लैंड्स (Endocrine Glands - हार्मोन ग्रंथियां) के रूप में देखता है।
जब हमारे विचार लगातार नकारात्मक रहते हैं, तो इन चक्रों या ऊर्जा केंद्रों का घूमना (Vibration) धीमा हो जाता है, जिसे हम ऊर्जा ब्लॉकेज (Energy Blockage) कहते हैं।
ब्लॉकेज होने पर क्या असर पड़ता है ?
० मूलाधार चक्र (Root Chakra - जीवन का आधार):- जब मन में असुरक्षा या पैसों को लेकर अत्यधिक डर होता है, तो यह केंद्र ब्लॉक होता है। व्यक्ति खुद को थका हुआ और कमज़ोर महसूस करता है।
० मणिपुर चक्र (Solar Plexus - आत्मविश्वास):- अत्यधिक चिंता और खुद पर शक करने से यह केंद्र ब्लॉक होता है, जिससे पाचन तंत्र खराब होता है और आत्म-सम्मान में कमी आती है।
० अनाहत चक्र (Heart Chakra - दिल का केंद्र):- नफ़रत, धोखा या पुरानी कड़वाहट को पकड़ कर रखने से दिल का इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड कमज़ोर हो जाता है, जिससे व्यक्ति अकेलापन और अवसाद (Depression) महसूस करता है।
सिग्नल खराब होने के लक्षण, कैसे पहचानें ?
यदि आपकी जिंदगी में नीचे लिखी बातें हो रही हैं, तो समझ जाइए कि आपका ह्यूमन एंटीना ठीक से ट्यून नहीं है और सिग्नल्स में भारी डिस्टॉर्शन है।
० पर्याप्त सोने के बाद भी शरीर में ऊर्जा की भारी कमी महसूस होना।
० मन में लगातार अज्ञात भय या उदासी बने रहना।
० बहुत मेहनत करने के बाद भी हर काम का ऐन मौके पर बिगड़ जाना (क्योंकि आपकी फ्रीक्वेंसी उस सफलता से रेजोनेट नहीं कर रही है)।
० आसपास के लोगों के साथ बिना वजह रिश्ते खराब होना।
निष्कर्ष।
एंटीना की सफ़ाई ज़रूरी है
जैसे टीवी का सिग्नल खराब होने पर हम सैटेलाइट को नहीं बदलते, बल्कि अपने घर के डिश एंटीना की दिशा ठीक करते हैं या उस पर जमी धूल साफ़ करते हैं, ठीक वैसे ही जब जीवन में परेशानियाँ आएं, तो बाहरी दुनिया को कोसने से कुछ नहीं होगा। हमें अपने भीतर के इस ह्यूमन एंटीना की ट्यूनिंग और सफ़ाई करनी होगी।
लेकिन हम अपने इस अद्भुत एंटीना को साफ़ कैसे करें ? इसकी फ्रीक्वेंसी को वापस सैटेलाइट की तरह हाई और पावरफुल कैसे बनाएं ?
यही बेहद व्यावहारिक और आसान तरीके हम जानेंगे अगले अध्याय में, अध्याय 9 अपनी फ्रीक्वेंसी को सैटेलाइट की तरह हाई कैसे करें ? (ध्यान, गहरी सांसें और कृतज्ञता का विज्ञान)।
अस्वीकरण (Disclaimer)।
इस अध्याय में दी गई जानकारी केवल शैक्षणिक, आध्यात्मिक और आत्म-जागरूकता के उद्देश्य से साझा की गई है। ह्यूमन सैटेलाइट सिग्नल और चक्र ब्लॉकेज जैसी अवधारणाएं वैकल्पिक ऊर्जा विज्ञान और आध्यात्मिक दर्शन का हिस्सा हैं। इसे किसी भी प्रकार की पेशेवर चिकित्सा, मनोवैज्ञानिक निदान या मानसिक स्वास्थ्य उपचार का विकल्प न माना जाए। यदि आप अत्यधिक तनाव, अवसाद या किसी गंभीर शारीरिक, मानसिक समस्या से गुजर रहे हैं, तो कृपया तुरंत किसी योग्य डॉक्टर या प्रमाणित स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श लें। लेखक या प्रकाशक इस जानकारी के व्यक्तिगत प्रयोग से होने वाले किसी भी प्रभाव के लिए जिम्मेदार नहीं होंगे।

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